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IIT बॉम्बे सुसाइड केस में मांगें मनवाने के बाद छात्रों का रवैया हुआ नरम, फिलहाल डायरेक्टर शिरीष केदारे नहीं देंगे इस्तीफा

 Reported By: Rajesh Kumar,  Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Sep 21, 2026 10:22 am IST,  Updated : Sep 21, 2026 01:28 pm IST

IIT बॉम्बे सुसाइड केस में फिलहाल डायरेक्टर शिरीष केदारे इस्तीफा नहीं देंगे। पहले ये कहा जा रहा था कि डायरेक्टर शिरीष केदारे आज इस्तीफा दे सकते हैं।

Shireesh Kedare- India TV Hindi
डायरेक्टर शिरीष केदारे Image Source : ANI/FILE

मुंबई: IIT बॉम्बे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। आईआईटी बॉम्बे में सेकंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे के सुसाइड मामले के सामने आने के बाद ये खबर सामने आई थी कि आज डायरेक्टर शिरीष केदारे इस्तीफा दे सकते हैं लेकिन ताजा अपडेट ये है कि डायरेक्टर शिरीष केदारे फिलहाल इस्तीफा नहीं देंगे। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि छात्रों की 18 मांगें मान ली गई हैं और छात्रों का रुख डायरेक्टर को लेकर कुछ नरम हो गया है।

IIT बॉम्बे की ओर से भी स्पष्टीकरण  जारी किया गया है और कहा गया है, "IIT डायरेक्टर शिरीष केदारे ने रिजाइन नहीं किया है। हम साफ तौर पर कहते हैं कि इससे जुड़ी खबर झूठी है।"

हालांकि इस मामले में IIT बॉम्बे के डायरेक्टर की ओर से छात्रों को भेजे गए एक मेल से पता चला है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को डीनशिप से सस्पेंड कर दिया गया है। बता दें कि दूल्ला डीन (प्रशासनिक मामले) थे और साहिल की परीक्षा में इनवेस्टिगेटर भी थे।

क्या है पूरा मामला?

IIT कैंपस में छात्रों का लगातार प्रदर्शन हो रहा था, इस बीच डायरेक्टर प्रो शिरीष केदारे ने छात्रों के बीच रिजाइन करने का ऐलान कर दिया था। इस बीच छात्रों ने डायरेक्टर के सामने 18 मांगे रखी थीं, जिन्हें डायरेक्टर ने मान लिया था। इसके बाद उन्होंने छात्रों के सामने ऐलान किया था कि वो आज यानी सोमवार को इस्तीफा दे देंगे। हालांकि आज डायरेक्टर की ओर से छात्रों को भेजे गए एक मेल से पता चला है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को डीनशिप से सस्पेंड कर दिया गया है। इस बीच ये जानकारी भी सामने आई कि डायरेक्टर इस्तीफा नहीं देंगे क्योंकि डूल्ला के खिलाफ कार्रवाई और 18 मांगें मनवाने के बाद छात्रों का रवैया डायरेक्टर के प्रति नरम हो गया है।

बता दें कि साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद से ही छात्र लगातार IIT एडमिनिस्ट्रेशन पर आरोप लगा रहे हैं और कैंपस के अंदर लगातार प्रदर्शन चल रहे हैं। साहिल 22 साल का था और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकंड ईयर बीटेक का छात्र था।

पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था

साहिल 18 सितंबर की शाम IIT बॉम्बे के हॉस्टल नंबर-4 स्थित अपने कमरे में मृत मिला था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्रों का आरोप है कि हैरेसमेंट की वजह से साहिल ने सुसाइड किया। पिछले तीन दिनों से IIT बॉम्बे के कैंपस में प्रोटेस्ट चल रहा है।

साहिल 18 नवंबर को परीक्षा देने के बाद शाम 4 बजे हॉस्टल लौट गया था। देर रात हॉस्टल में उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। यह IIT बॉम्बे में 7 महीने के भीतर आत्महत्या का तीसरा मामला है। 

वहीं देशभर के IIT में इस साल 9 छात्रों ने सुसाइड किया है। छात्रों के प्रोटेस्ट के दौरान जब इंडिया टीवी ने IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदारे से बात की तो उन्होंने कहा कि सारी जिम्मेदारी उनकी है। 

IIT के छात्रों ने कल डायरेक्टर के सामने 18 मांगें रखी थीं, जिसे  IIT डायरेक्टर शिरीष केदारे ने मान लिया था।

Minutes of the Meet of Student Talks - 20 Sept 2026 - उसी में पूरी 18 मांगें लिखी हैं, डायरेक्टर ने साइन भी किया है। ये रही लिस्ट हिंदी में:

Point 1: BoG (Board of Governors) की मीटिंग कल होगी, सभी पॉइंट्स 21 सितंबर दोपहर 12 बजे तक कन्फर्म होंगे।

Point 2: बदनामी के लिए माफी

प्रोफेसर के बयान पर माफी। डायरेक्टर पूरी तरह सहमत हैं और IIT Bombay के LinkedIn हैंडल पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को तैयार हैं। डेडलाइन: 21 सितंबर दोपहर 12 बजे तक।

Point 3: ओपन हाउस
22 सितंबर से पहले इस घटना के सभी Stakeholders का ओपन हाउस होगा। HoD ने साहिल से जो भी कहा था, वो सारे रिकॉर्ड्स सार्वजनिक किए जाएंगे। पूरी पारदर्शिता रहेगी।

Point 4: डायरेक्टर ने माना कि पॉइंट 5 से 14 तक के काम 21 अक्टूबर तक पूरे किए जाएंगे, हर हफ्ते प्रोग्रेस बताया जाएगा।

Point 5: स्वतंत्र जांच कमेटी
30 सितंबर तक अंतरिम रिपोर्ट और 15 अक्टूबर तक पूरी रिपोर्ट।

Point 6: आर्थिक मदद
परिवार के लिए Monetary Support और एक फंड बनाया जाएगा, हर हफ्ते अपडेट दिया जाएगा।

Point 7: Student Representation
संस्थान में बदलाव, छात्रों और प्रोफेसरों का बराबर प्रतिनिधित्व, छात्रों की राय को वीटो नहीं किया जाएगा। 1 महीने में कमेटी बनेगी। डायरेक्टर ने कहा Senate को छोड़कर सभी student-facing कमेटियों में 50% छात्रों की भागीदारी होगी।

Point 8: लिए गए फैसलों का पुनर्मूल्यांकन होगा, फैसलों की लिस्ट बनेगी और आधिकारिक ओपन हाउस होंगे।

Point 9: प्रोफेसरों के लिए DAC
प्रोफेसरों के लिए भी Disciplinary Action Committee (DAC) बनेगी और उसका डॉक्यूमेंट पब्लिक किया जाएगा।

Point 10: DAC में छात्र अकेला नहीं
DAC कमेटी में छात्र अकेला नहीं रहेगा, सभी को ट्रांसक्रिप्ट मिलेगी। जिन DACs की मीटिंग नहीं हुई है, वे रद्द की जाएंगी।

Point 11: काउंसलर रेश्यो
1 काउंसलर पर 250 छात्र, 1 महीने में लागू होगा।

Point 12: छात्रों से किसी भी फैसले को लागू करने की उम्मीद नहीं की जाएगी।

Point 13: स्टाफ सेंसिटाइजेशन
स्टाफ सेंसिटाइजेशन को छात्रों की राय से फिर से बनाया जाएगा।

Point 14: डायरेक्टर ने इस पॉइंट पर सहमति दी, हर हफ्ते समय दिया जाएगा।

Point 15: Wings का मामला
पहले साल के बाद Wings को अलग किया गया था, अब Wings को छात्रों की राय से फिर से बनाया जाएगा।

Point 16: शिकायत पोर्टल
संस्थान से जुड़ी चिंताओं के लिए एक पोर्टल होगा, जिसमें गुमनाम रहने का विकल्प भी होगा।

Point 17: टास्क फोर्स
Anil Sahastrabuddhe कमेटी के तहत टास्क फोर्स बनेगी, हर हफ्ते छात्रों से बात करेगी और हर सेमेस्टर रिपोर्ट जारी करेगी।

Point 18: प्रदर्शनकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं
धरने पर बैठे किसी भी छात्र पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

Extra Point: एकेडमिक डिसिप्लिनरी एक्शन के तहत 1 साल के सस्पेंशन पर फिर से विचार किया जाएगा।

इससे पहले खबर सामने आई थी कि IIT बॉम्बे के छात्र के सुसाइड मामले पर कॉलेज ने कहा- परीक्षा में ChatGPT से नकल कर रहा था। 

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